दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Saturday, June 2, 2007

समांतर सिनेमा- एक

रबिन्द्र धर्मराज
11 फ़रवरी 1981. बंबई के एक अस्पताल में अल्सर से मौत.उम्र 33 साल.






रबिंद्र धर्मराज की फ़िल्म चक्र 1980




उसकी रोटी 1970




तरंग 1984






राजेंद्र यादव की कहानी पर आधारित बासु चटर्जी की फ़िल्म सारा आकाश 1969






मिर्च मसाला 1985





माया दर्पण 1972





मणि कौल





गिरीश कासरवल्ली





गर्म हवा 1974





गर्म हवा





एक दिन प्रतिदिन 1979




भुवन शोम 1969




भुवन शोम





भूमिका 1977




भवनी भवाई 1980





20 जुलाई 1974 की मनहूस शाम. बॉम्बे कॉफी हाउस में फिल्मकारों की हमेशा सी रगड-झगड. अवतार कौल इस उधेड्बुन में कि लोकार्नो जाने का किराया कहां से जुगाडा जाये. उसकी फिल्म 27 डाउन को ऑफ़िशियल एंट्री मिली है.रात होते-होते वो वो एक दोस्त की जान बचाने की कोशिश में मर जाता है.
उसी रात उसकी फिल्म के नाम् दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार घोषित होते हैं--बेस्ट हिंदी फिल्म और बेस्ट ब्लैक एंड ह्वाइट फोटोग्राफ़ी के लिये.शायद वो ये ख़बर भी नहीं सुन पाता.

अवतार कौल





27 डाउन




अल्बर्ट पिंटो को ग़ुस्सा क्यों आता है 1980





अकालेर सन्धाने 1980





अकालेर सन्धाने





आक्रोश 1980




आक्रोश

3 comments:

yunus said...

ये भी अच्‍छा है भाई । इसे मैंने रिकॉर्ड वाली पोस्‍ट के बाद देखा ।

प्रियंकर said...

इन तस्वीरों का दस्तावेज़ी महत्व असंदिग्ध है . इनमें समानांतर सिनेमा की बहुत सी जानी-अनजानी सच्चाइयां न्यस्त-विन्यस्त हैं .

munish said...

mast collection. u can have some covers 4m me as well. pls. concentrate on films only n u will go places. my best wishes.
munish