टूटी हुई बिखरी हुई
क्योंकि वो बिखरकर भी बिखरता ही नहीं
दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
Showing posts with label
Ramjit
.
Show all posts
Showing posts with label
Ramjit
.
Show all posts
Tuesday, May 6, 2014
रामजीत टैक्सी ड्राइवर का मन आज हरियर है !
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)