दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
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Saturday, October 20, 2007

धरती माता जागो


सुनिये दिनेश कुमार शुक्ल की एक और छंद सघन रचना खुद उनकी ही आवाज़ में.
दिनेश जी की तिलस्म और मालगाड़ी और बंदर चढ़ा है पेड़ पर भी यहां आप सुन चुके हैं.

Thursday, August 30, 2007

आर.चेतनक्रांति की एक कविता


सुनिये युवा कवि आर.चेतनक्रांति की एक कविता. हालांकि यह उनकी प्रतिनिधि कविता नहीं है लेकिन चूंकि स्वयं उनके ही स्वर में है इसलिये जारी करता हूं.




राजकमल के कर्मचारी, मालिक मकान के बच्चे और समय