टूटी हुई बिखरी हुई
क्योंकि वो बिखरकर भी बिखरता ही नहीं
दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
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अमीर ख़ुसरो
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अमीर ख़ुसरो
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Wednesday, July 23, 2008
ये आवाज़ें किसकी हैं !
अमीर ख़ुसरो
की यह रचना आपके साथ शेयर करने का मक़सद महज़ ये जानना है कि इस गीत में आवाज़ें किसकी हैं!
अच्छे
बन्ने
मेहँदी
लावन
दे
रे
...
Wednesday, April 16, 2008
मोहें रख ले तू...
अमीर ख़ुसरो की रचना.
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