दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
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Saturday, December 29, 2007

एक ही जैसे दु:खद प्रसंग हैं...



...आइये सुनें मशहूर पाकिस्तानी शायरा फ़हमीदा रेयाज़ की एक और नज़्म.


नोट: साल के इन बचे हुए दिनों में टूटी हुई बिखरी हुई पर बस यही होगा.

वो लड़की