टूटी हुई बिखरी हुई
क्योंकि वो बिखरकर भी बिखरता ही नहीं
दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
Showing posts with label
allahabad
.
Show all posts
Showing posts with label
allahabad
.
Show all posts
Thursday, April 9, 2009
उट्ठा है तूफान ज़माना बदल रहा
23 साल पहले 25 लोगों ने उदय भाई की अगुआई में एक कैसेट निकाला था. पीछे की कहानी विमल भाई सुनाएँगे. आप मेरी तरफ से ये गीत सुनिए.
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)