टूटी हुई बिखरी हुई
क्योंकि वो बिखरकर भी बिखरता ही नहीं
दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
Showing posts with label
मधुशाला और गणित
.
Show all posts
Showing posts with label
मधुशाला और गणित
.
Show all posts
Thursday, January 5, 2012
अबान की मधुशाला
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)