दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
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Thursday, December 20, 2007

"टूटी हुई बिख्ररी हुई" अब नये लुक में, उर्फ़ जय ब्लॉगबुद्धि


जिस दिन बंबइया ब्लॉगरों ने विकास को तलाशा उसी दिन मैंने विकास की ब्लॉगबुद्धि पर अपनी फरमाइश रख दी थी कि मैं अपने ब्लॉग का टेम्प्लेट इसी रंग विधान में कुछ बदलना चाहता हूँ. मैं असल में उस पेज के दोनों तरफ की पट्टियाँ हटाना चाह रहा था. विकास इस बीच अपनी ज़िंदगी की धुन में मगन हो गये शायद, हालाँकि उन्होंने मुझे एक नमूना अगले ही दिन दिखा दिया था...

रात उनका मेल मिला...":O मुझे लगा कि मैं आपको मेल कर चुका हूँ.

अभी थोड़ी देर में भेजता हूँ."


...और थोडी देर में उन्होंने जो भेजा उसी का नतीजा है- यह नया लुक. मुझे तो ठीक लग रहा है, बस बाईं पट्टी पर पहले से मौजूद फोटो थोडे दबने से बच जाएं और वह पट्टी एक स्थाई डिज़ाइन एलेमेंट की तरह अपना प्रभाव छोडती रहे तो मैं ख़ुश हूँ.

अब आप बताएँ यह बदलाव कैसा है. क्या अलग-अलग आकारों और रेज़ोल्यूशन के मॉनीटर इसका स्वागत कर रहे हैं?