आप अगर एफ़एम सुनते हैं तो राजीव सक्सेना का नाम आपके लिये बेहद जाना पहचाना नाम है. पुरानी दिल्ली के बाज़ार सीताराम में जन्मे राजीव आजकल एफ़एम गोल्ड पर प्रोग्राम करते हैं.वे क्रिकेट कमेंटरी, रेडियो स्पॉट्स, गणतंत्र दिवस के सीधे हाल-हवाल औए कई विशेष कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग करते हुए आपको सुनाई देते हैं. आइए सुनते हैं कि यह बोलती हुई आवाज़ क्या महज़ बोलने में यक़ीन रखती है, या सोचकर बोलती है!
1978 में आकाशवाणी पर युववाणी से शुरुआत करने वाले राजीव सक्सेना आज रेडियो के लोकप्रिय प्रेज़ेंटर हैं.
एक ज़माने के धुरंधर ब्रॉडकास्टरों- देवकीनंदन पांडे, मेल्विल डी मेलो, जयनारायण शर्मा, मिस मेहरा , सीतांशु भादुडी, पुष्पा नटराजन,देवेंद्र सक्सेना, विपिन मित्तल और गुलशन मधुर का दौर देख चुके राजीव के साथ काम करना मेरे लिये सौभाग्य की बात है क्योंकि इस तरह आप नये और पुराने का सामंजस्य करना सीखते हैं.
तो आइये शुरू करते हैं राजीव सक्सेना के पेश किये हुए एक कार्यक्रम की एक झलक से. यह विशेष कार्यक्रम विजयदीपक छिब्बर के साथ काम करते हुए राजीव ने अशोक कुमार की मृत्यु के तुरंत बाद एफ़एम गोल्ड पर पेश किया था. इसे तब विग्यान भवन में हुई एक श्रद्धांजलि सभा में भी सुनाया गया था.
ओ जानेवाले हो सके तो लौट के आना...
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राजीव सक्सेना से बातचीत पार्ट-1
(approx 30 min)
राजीव सक्सेना से बातचीत पार्ट-2(अंत तक)
(approx 30 min)