टूटी हुई बिखरी हुई
क्योंकि वो बिखरकर भी बिखरता ही नहीं
दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
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जाने भी दो यारो
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जाने भी दो यारो
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Friday, February 19, 2010
कुंदन शाह से एक मुलाक़ात
गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल
में इस बार
कुंदन शाह
और सईद अख्तर मिर्ज़ा भी आये थे। भाई
भूपेन
वहां थे और उन्होंने दोनों से बातचीत की।
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