दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
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Thursday, February 11, 2010

पांच किताबें: जिन्हें पढ़ने के बाद आप वो नहीं रहे, जो आप थे !




किताबों से हमारा ऐसा रिश्ता है जिसकी मिसाल ढूंढें नहीं मिलती। हर इंसान, जों अक्षर बांच लेता है, उसकी दुनिया में किताबों का एक या दूसरी तरह का स्थान है। ये सवाल जब हमने राम पदारथ से पूछा तो उन्होंने जों सूची बनाई उसे यहाँ हूबहू पेश करता हूँ।

१ - अपनी खबर : पाण्डेय बेचन शर्मा "उग्र "
२ - कसप : मनोहर श्याम जोशी
३ - सत्य के प्रयोग : महात्मा गांधी
४ - प्रतिनिधि कवितायेँ : मुक्तिबोध
५ - युवा कविके नाम रिल्के के पत्र
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आप की सूची में ऐसी कौन सी किताबें हैं जिन्हें आप इस तरह का सवाल पूछे जाने पर शामिल करेंगे नीचे टिप्पणी में "लिखिए "। चाहें तो मुझे सीधे ईमेल कर सकते हैं- ramrotiaaloo@gmail.com पर।