टूटी हुई बिखरी हुई
क्योंकि वो बिखरकर भी बिखरता ही नहीं
दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
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आपकी फ़रमाइश
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Tuesday, September 18, 2007
रंग दिल की धड़कन भी लाती तो होगी
भाई जितेन्द्र ने एक गाने को तलब किया था, देर हुई क्षमा चाहता हूं.
लीजिये हाज़िर है फ़िल्म
पतंग
(1960) में लता का गाया ये गीत.
गीत
:
राजेंद्र कृष्ण
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संगीत
:
चित्रगुप्त
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