टूटी हुई बिखरी हुई
क्योंकि वो बिखरकर भी बिखरता ही नहीं
दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
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विमल भाई प्रमोद भाई लकडावाला
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विमल भाई प्रमोद भाई लकडावाला
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Monday, March 10, 2008
ख़बरदार...शुरू हो गये हैं दो नये पॉडकास्टर !
आज का बिग्यापोन
अज़दक
और
ठुमरी
ने अब जो शुरू किया है उस पर नज़र डाले बिना तुम्हारी ब्लॉग परिक्रमा पूरी नहीं होती. अत: हे ब्लॉगभक्त आज ही छंटाक भर पँजीरी
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चढाएं.
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