दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Wednesday, August 29, 2007

उदय प्रकाश की कुछ और कविताएं



कल के वादे के मुताबिक़ पेश है उदय प्रकाश की कुछ और कविताए.


अनुकपुर जंक्शन









दिसंबर









खेल









किसका शव









कुछ बन जाते हैं









महापुरुष









पिंजड़ा









रात









तीली









तिब्बत के लामा






3 comments:

Udan Tashtari said...

आभार.

Marcus Fornell said...

I heard these poems repeatedly. They are simple and contain great meanings. Thanks

नीरज पासवान said...

बहुत ही शानदार कविताये..सरलता मे भी ताकत होती है, ये कोई उदय प्रकाश जी से सीखे...महान! कविताओ के लिये आपका शुक्रिया