दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Wednesday, December 5, 2007

ख़्वाब हो तुम या कोई हक़ीक़त


"ख़्वाब हो तुम या कोई हक़ीक़त" नाम की इस पोस्ट में कल आपमें से जिन मित्रों ने यहाँ पाँच गानों तक प्रोग्राम का लुत्फ उठाया था उनके लिये आगे का हिस्सा चाहें तो वहीं पढें.
आप सभी का आभार जो कल यहाँ आए और मीनाक्षी का जो यहाँ सुकून पाती हैं.

1 comment:

Lavanyam - Antarman said...

बेहद खुबसुरत नगमे सुनवाने का और साथ में जिंदगानी के ये किस्से कहानियाँ..बहुत पसंद आए ..