दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Tuesday, April 29, 2008

पूर्वाधनाश्री ने अपने ब्लॉग की शुरुआत की


युवा भरतनाट्यम नृत्यांगना पूर्वाधनाश्री ने आज विश्व नृत्य दिवस पर अपने ब्लॉग की शुरुआत कर दी। पिछले साल अगस्त- सितंबर के आसपास उन्होंने यह ब्लॉग बनाया था और मैंने तब ही से अपने ब्लॉगरोल में उनका लिंक दे रखा है। आपमें से कई लोग उधर टहल कर भी आए लेकिन अपडेट न पाकर रेगुलर न रह सके. आजकल पूर्वा हैदराबाद में हैं और बाक़ी जानकारियाँ आपको यहाँ मिल ही जाएँगी.
उनकी जिग्यासा है कि जब आप शास्त्रीय नृत्य की कोई प्रस्तुति देखते हैं तो आपको कैसा अहसास होता है?
इच्छुक कलाप्रेमी पूर्वा ( जिसे हम प्यार से कुंजू कहते आये हैं) के ब्लॉग पर जाकर अपनी राय ज़ाहिर कर सकते हैं.

1 comment:

munish said...
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