दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Thursday, May 31, 2007

समेटी हुई चन्द तस्वीरें- तीन

आलोकधन्वा




विष्णु खरे




सुधाकर पांडेय





सौमित्र मोहन




श्रीलाल शुक्ल




शिवमंगल सिंह 'सुमन'




प्यारेलाल आवारा




परमानंद श्रीवास्तव




नीलकांत




नरेश सक्सेना




नरेंद्र जैन




मुद्राराक्षस




मंज़ूर एहतेशाम




मैनेजर पांडेय




मदन सोनी




कुंवर नारायण




कुमार पंकज




कृष्णा सोबती





कृष्णचंद्र बेरी: हिंदी प्रचारक संस्थान,वाराणसी के संस्थापक




कृष्णबिहारी मिश्र




काशीनाथ सिंह




कामतानाथ




कल्याणमल लोढा




कैलाश नारद





हिमांशु जोशी




हनुमान प्रसाद वर्मा





ग्यानेंद्रपति




गिरीश रस्तोगी




गिरिधर राठी




द्वारिका प्रसाद




देवीदयाल चतुर्वेदी 'मस्त'




देवेंद्र सत्यार्थी





छेदीलाल गुप्त




चंद्रकात देवताले




चंद्रशेखर मिश्र और पत्नी




भानुशंकर मेहता





भगवत रावत




असग़र वजाहत




आचार्य राममूर्ति त्रिपाठी




अखिलेश

1 comment:

yunus said...

भाई साहब मज़ा आ गया इन तस्‍वीरों को देखकर । समय होता तो मैं इन सबकी पंक्तियां इस टिप्‍पणी में पेश कर देता । पर ये वो चेहरे हैं जिनकी लेखनी हम लंबे समय से पढ़ते आये हैं । अच्‍छा काम किया है आपने ।