दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Monday, May 28, 2007

लघु न दीजिये डारि


हिन्दी की ये कुछ लघु पत्रिकाएं हैं. इनमें से कुछ थोडा समय जीवित रहीं, कुछ अब भी चल रही हैं।
अक्षरा
अंकन

अंततः
अप्रस्तुत
अधिकरण
अंतराल
अकविता
अगली कविता
अतएव
अतिमर्श
आदमी
अभियान
अवसर
आगमन
अथवा
अधुना
अनंत
अनास्था
अनुगमन
अनुबंध
अनुवाद
अन्विता
अपराजेय
अपरांत
अपूर्व कहानियां
अंतर
अंतर्गत
अंतर्द्वंद्व
अप्रस्तुत
अभिकल्प
अभिप्राय
अभियान
अभिरुचि
अभिशप्त पीढी
अपराजेय
अप्रत्याशित
आमुख
अमिता
अर्थ
अवंतिका
अवसर
अब
आईना
आकंठ
आकार
आगमन
आज की बात
आजकल
आदमी
आधार
आरंभ
आलोचना
आवेग
आहट
ओर
ओरांग ओटांग
इंडिया टुडे
इतिहास बोध
इंद्रप्रस्थ भारती
इसलिये
ईसुरी
उत्तरगाथा
उत्तर प्रदेश
उत्तरशती
उत्तरार्ध
उत्कर्श
उद्भावना
उदाहरण
उन्नयन
उपक्रम
उपमा
उपलब्धि
कंक
कखग
कतार
कथन
कथा
कथादेश
कथा प्रतिमान
कथ्यरूप
कदम
कबीर
कलम
कलामवाला
कला पंचाग
कला प्रयोजन
कलानुसंधान
कलावती
कलावार्ता
कल्पना
कवि
कविता
कहानियां
कहानी

कहानीकार

कामदा

काल

कालपत्र

कालिदास

कृति

कृति परिचय
क्षत्रग्य

क्षितिज

गंगा

गंतव्य

गंध

गगनांचल

गवाह

चर्चा

चिति

चित्रेतना

सूची लंबी है. लगभग 400 पत्रिकायें यहां दिखेंगी. कृपया प्रतीक्षा करें.

No comments: