दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Wednesday, June 17, 2009

दानिश साहब कहते हैं !


दानिश इकबाल साहब एआइआर दिल्ली में एक जाना माना नाम हैं । वो उत्तर प्रदेश के उन्नाव में पैदा हुए और आजकल एआइआर के ड्रामा डिवीज़न में काम करते हैं। मैं उन्हें इस बात के लिए जानता हूँ की काम के बीच मुस्कुराया कैसे जाए । आप इस बात के लिए उन्हें जानते हैं कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर यह तय किया कि हिंदुस्तान में एफएम ब्रोडकास्टिंग कैसी होनी चाहिए। आइये आपको सुनाते हैं कि मौजूदा समाजी सियासी हालत पर उनके ख़याल क्या हैं । यह एक दो घंटे लम्बी बातचीत का छोटा सा टुकडा है।

3 comments:

इरशाद अली said...

दो दिमाग रखने वाले लोग कितनी खूबसूरत बातें करते है। लेकिन इरफान साहब आप आजकल बड़े दिनों में नमुदार होते है, जरा जल्दी-जल्दी आया करें। बाकि दानिश साहब भी बेहद दिलचस्प आदमी हैं जो बेहद साफ नजरिया रखते हैं।

Neeraj Rohilla said...

मन नहीं भर पाया इस बात चीत से, और भी सुनवाईये।

आभार,

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

लोग सुन रहे हैं। हम क्लिक कर रहे हैं और बातचीत तलाश ही रहे हैं। यह बातचीत है कहाँ?