दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Thursday, June 18, 2009

दानिश इकबाल से बातचीत 1


दानिश इकबाल साहब एआइआर दिल्ली में एक जाना माना नाम हैं । वो उत्तर प्रदेश के उन्नाव में पैदा हुए और आजकल एआइआर के ड्रामा डिवीज़न में काम करते हैं। मैं उन्हें इस बात के लिए जानता हूँ की काम के बीच मुस्कुराया कैसे जाए । आप इस बात के लिए उन्हें जानते हैं कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर यह तय किया कि हिंदुस्तान में एफएम ब्रोडकास्टिंग कैसी होनी चाहिए। आइये आपको सुनाते हैं कि मौजूदा समाजी सियासी हाल पर उनके ख़याल क्या हैं । यह एक दो घंटे लम्बी बातचीत का पहला टुकडा है।

4 comments:

Science Bloggers Association said...

चलिए, इसी बहाने उनके अनुभव से कुछ न कुछ सीखने को ही मिलेगा।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

बहुत दिनों में नजर आए आप!

विनय (Viney) said...

आगे के टुकड़े?

मुनीश ( munish ) said...

i wish i had seen this film !