दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Thursday, August 14, 2008

ई का कईला हरकतिया सुताय के रतिया

ग़ैर फ़िल्मी गीतों का एक झरोखा यहाँ पहले भी खुलता रहा है. आज सुनिये नसीम बानो की आवाज़ में यासीन नज़म का लिखा ये गीत.

लगाय के छतिया...

3 comments:

अफ़लातून said...

हम पिरितियो क रितियो न जनली,के तब ले बिहान हो गईल !

मुनीश ( munish ) said...

nice music , lovely bol
nach nach ke ghas gayi
mere joote ki sole!

महेन said...

वाह जी, कहां छुपा रखा है ये ख़ज़ाना?