दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Thursday, March 5, 2015

शकील बदायूंनी के पुश्तैनी घर, बदायूं से सीधे

All pic. Prasanta Karmakar 18.02.2015 आवाज़ : मुशाहिद(मजीद)शादां (उम्र लगभग 55-56 साल), जो कि इस वक़्त बदायूं में शकील बदायूंनी के घर के वारिस हैं. इस पोस्ट में उसकी तस्वीर शामिल नहीं है. ये उस आदमी का बयान है जो अब सुन नहीं सकता. खम्भे से गिर जाने के बाद उस दुर्घटना ने सुनने की शक्ति छीन ली. शकील बदायूनी की तस्वीरों और पत्रों-दस्तावेज़ों को सहेज कर रखता है और कभी कभार टपक पड़ने वाले सैलानियों को यह बयान इसी अंदाज़ में पहुंचाने का आदी है. आप उसे बस सुन सकते हैं उससे कुछ पूछ्ना संभव नहीं है.

2 comments:

Ashok Pande said...

बेहरतीन! सुन रहा हूँ. वीडियो की कमी ना खल रही जरा भी.

Prasanta Karmakar said...

this is the ideal platform to express democratically fearlessly.