दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Friday, February 19, 2010

सईद अख्तर मिर्ज़ा से एक मुलाक़ात


भाई भूपेन का फोटो मेरा ट्रीट किया हुआ है !

भूपेन ने गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल के दौरान सईद अख्तर मिर्ज़ा से क्या बात की,आइये सुनते हैं .








Duration: 40 min Approx Recorded on 10th Feb 2010

2 comments:

pankaj said...

bat chit suni, kuchh samajh saka kuchh nahi. achha laga.
film club ka poster aap ne banaya hai, shayd jab aap mislim hostel me rahate the.

सोनू said...

सईद अख़्तर मिर्ज़ा की फ़िल्म पर देवी प्रसाद मिश्र का आलेख:

मोहन जोशी होने का संताप और संकट