गोरखपुर में परसों से फिल्म फेस्टिवल (www.gorakhpurfilmfestival.blogspot.com) शुरू हो रहा है. मैं इसकी सफलता की कामना करता हूँ ।
यहाँ मैं एक गाना प्रणय जी को dedicate करना चाह रहा हूँ. तलत साहब का गाया ये गाना प्रणय जी से मैंने एक पिछले गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल में सुना था. नीचे फोटो में बाएं वाले प्रणय भाई हैं, काली जैकेट में .
Tuesday, February 2, 2010
भाई प्रणय कृष्ण को सादर
छापक इरफ़ान at 3:25 PM
फ़्लैग्स ऐ गम-ए-दिल क्या करूँ, तलत महमूद, प्रणयकृष्ण
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2 टिप्पणियां:
nice
bahut hi achchha gana hai,dil ko chhoo gaya,
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