दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Thursday, January 29, 2009

क्योंकि आपको एक फोटो चाहिए

17 comments:

सुशील कुमार छौक्कर said...

ये व्यक्ति तो कुछ जाने पहचाने से लग रहे है ....

विनय said...

भई यह तो शायद ख़ुद आप हैं, क्यों सही है, ना!

pallav said...

aap to aise na the...pallav

महेन said...

yunki ye kaun hai?

Ashok Pande said...

जे तो बोई दीक्खे इफ़्फ़न घुरमामारकंडवी! और ये इस्माइल जने क्या कै रई ...

अजित वडनेरकर said...

ज़रूरत क्या आन पड़ी थी इसकी ?

vimal verma said...

फ़ोटो में तो आप बिल्कुल वैसे नहीं लगते....

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

इरफान भाई, अगर आपके हमशक्लों का मुकाबला हो तो आपको आखिरी नंबर मिलेगा. तस्वीर के लिए शुक्रिया.

Anonymous said...

Can't make out in ur photo...totally different...

want to share that...when i was searching for user friendly Indian typing tool..esply..in Hindi...found 'quillpad'..do u know abt it..? are u using it..?

likho apna vichar said...

ye wo shakhs hai jise aap aur hum irfaan ke naam se jaante hai,ghazab ki shakhsiyat

likho apna vichar said...

ye wo shakhs hai jise aap aur hum irfaan ke naam se jaante hai,ghazab ki shakhsiyat

मुनीश ( munish ) said...

abey itni tareef sun ke bhi kuch likhte-likhate nahin kyon bhai bhaav kha rahe ho!

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर said...

होली कैसी हो..ली , जैसी भी हो..ली - हैप्पी होली !!!

होली की शुभकामनाओं सहित!!!

प्राइमरी का मास्टर
फतेहपुर

Ek ziddi dhun said...

इरफान भाई. अब आगे बढ़ो क्यों बुतपरस्ती के कुफ्र में हमें भी फांस रहे हो

Anonymous said...

जे तौ कौनौ चश्मुद्दीन इंटेलेक्चुअल दीखै जौन जब-तब गंदे गाने सुनवावै करै था . हियां तौ बहुतै समार्ट दिख रिया है .

-- चौपटस्वामी

आशीष कुमार 'अंशु' said...

Jai Ho....

राजेश उत्‍साही said...

अमां मियां भोतइ खबसूरत लग रिए हो। गली में आज चांद निकला की माफिक । इरफान भाई वाकई खूबरसूरत फोटो है। इसे परिचय में लगाइए। वहां अभी जो फोटो है उसे देखकर आपकी नहीं सफदर हाशमी की याद आती है। वैसे उनकी याद आना कोई बुरी बात तो नहीं है। बहरहाल अपुन ने भी एक ठो ब्‍लाग बनाया है गुल्‍लक नाम से । पता है उत्‍साहीडॉटब्‍लागस्‍पाटडॉटकाम। कभी फुरसत मिले तो आइए ब्‍लाग पर। पिछले महीने एकलव्‍य छोड़कर बंगलौर आ गया हूं। ।फिलहाल अजीम प्रेमजी फाउंडेशन में हूं। शुभकामनाएं।