टूटी हुई बिखरी हुई
क्योंकि वो बिखरकर भी बिखरता ही नहीं
दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
Friday, August 31, 2007
पाकिस्तानी ब्लॉगरों से बातचीत
वॉयस ऑफ़ अमेरिका
ने पिछले दिनों दुनिया भर में सक्रिय कुछ पाकिस्तानी ब्लॉगरों से बातचीत की.
यहां
सुनिये.
यहां मौजूद फ़ोटो महज़ सजावटी है.
Thursday, August 30, 2007
आर.चेतनक्रांति की एक कविता
सुनिये युवा कवि
आर.चेतनक्रांति
की एक कविता. हालांकि यह उनकी प्रतिनिधि कविता नहीं है लेकिन चूंकि स्वयं उनके ही स्वर में है इसलिये जारी करता हूं.
राजकमल के कर्मचारी, मालिक मकान के बच्चे और समय
यादों के झरोखे से
वरिष्ठ कवि
केदारनाथ सिंह
को सुनिये कुछ गुज़री बातें याद करते हुए.
बातचीत का एक अंश
Wednesday, August 29, 2007
उदय प्रकाश की कविताएं: आख़िरी क़िस्त
एक लेखक दरबदर
मरना
वसंत
व्यवस्था
कुतुबमीनार की ऊंचाई
करीमन और अशरफ़ी
चंकी पांडे मुकर गया है
एक भाषा हुआ करती थी
उदय प्रकाश की कुछ और कविताएं
कल के वादे के मुताबिक़ पेश है
उदय प्रकाश
की कुछ और कविताए.
अनुकपुर जंक्शन
दिसंबर
खेल
किसका शव
कुछ बन जाते हैं
महापुरुष
पिंजड़ा
रात
तीली
तिब्बत के लामा
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