दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Saturday, March 6, 2010

चंदू की नानी

ये मेरे बेटे अबान (साढ़े चार साल) ने पिछले महीने प्रमोद को सुनाई। आप भी सुनिए।


5 comments:

pankaj said...

kaise sune, koi upkaran nahi deekh raha hia, jo us aawaj ko mujh tak pahunchaye.

अफ़लातून said...

आनन्दम ! लेकिन सुपुत्र का नाम तो बतायें !

sanjay joshi said...

kahani kahan hai?

मुनीश ( munish ) said...

no player here .

Kashif Khan said...

sir mai video on nahe kar paraha