टूटी हुई बिखरी हुई
क्योंकि वो बिखरकर भी बिखरता ही नहीं
दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।
Sunday, May 10, 2015
तीन रोज़ इश्क़
कल
Puja Upadhyay
ने अपनी पहली और ताज़ा किताब 'तीन रोज़ इश्क़' से दो टुकड़े Indian Women Press Club में पढ़े.
Saturday, March 28, 2015
एक जीवन के लिये: मंगलेश डबराल
दूसरा हाथ: मंगलेश डबराल
बारिश: मंगलेश डबराल
अकेला आदमी: मंगलेश डबराल
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)